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5 हजार घूस लेने वाला दारोगा सस्पेंड, भ्रष्टाचार अधिनियम में केस दर्ज

Bhagalpur: मारपीट के एक केस में पीड़ित पक्ष से 5 हजार रुपए घूस लेने वाले बाथ थाने के दारोगा जय-जय राम यादव को एसएसपी आशीष भारती ने सस्पेंड कर दिया है। उस पर बाथ थाने में भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत केस किया गया है। केस की भनक मिलते ही वह थाने से फरार हो गया है। पुलिस गिरफ्तारी के लिए उसे ढूंढ रही है।इसके लिए एसएसपी ने विधि-व्यवस्था डीएसपी नेसार अहमद शाह को निर्देश दिया है। एसएसपी की कार्रवाई से पुलिस महकमे के भ्रष्ट अफसरों में हड़कंप मच गया है। खर्चा-पानी के नाम पर दारोगा जय-जय राम यादव घूस लेते कैमरे में कैद हुआ था। वीडियो में दारोगा और पीड़ित पक्ष के बीच बात हो रही है। इसमें दारोगा केस डायरी लिखने के एवज 5 हजार मांगता और रुपए लेता नजर आ रहा है। एसएसपी आशीष भारती ने वीडियो के आधार पर जांच कराई तो मामला सही मिला। तब दारोगा के सस्पेंशन और उस पर केस दर्ज किया गया।

यह है मामला

मामला बाथ थाना के केस-22/20 से जुड़ा है। इस केस के जांच अधिकारी दारोगा जय-जय राम यादव हैं। यह केस दौलतपुर गांव निवासी अरविंद कुमार सिंह ने तीन लोगों पर किया था। अरविंद सिंह का खेत आरोपी पक्ष के लोग जोत रहे थे। मना करने पर मारपीट की, जिसमें अरविंद का एक हाथ टूट गया। उनके सिर में भी चोट आई है। इसी केस के सिलसिले में दारोगा पीड़ित के घर गए थे, जहां केस का खर्च 5 हजार मांगा। पीड़ित पक्ष के लोगों ने जब पूछा कि मार भी हमलोग खाए और पैसे भी दे तो दारोगा ने कहा कि कोर्ट में खर्चा लगता है। तब पीड़ित पक्ष ने कहा कि सरकार तो सैलरी देती है, फिर पैसे क्यों लेते हैं। आखिरकार पीड़ित पक्ष को पैसे देने पड़े, जिसे दारोगा ने अपने पर्स में रखा। दारोगा से पीड़ित पक्ष की पूरी बातचीत, पैसों का लेन-देन कैमरे में कैद हो गया था।

एक अन्य मामले में भी हल्का धारा लगाने का भी है आरोप

दारोगा जय-जय राम यादव पर बाथ थाने के एक अन्य केस में हल्की धारा लगाने का आरोप है। इस मामले में भी एसएसपी ने जांच के आदेश दिए हैं। विधि-व्यवस्था डीएसपी इसकी जांच कर रहे हैं।

घूसखोरी में पहले भी एक दारोगा पर दर्ज हो चुका है केस

नाथनगर थाने के दारोगा विजय कुमार सिंह पर भी घूस मांगने का आरोप लगा था। उसे सस्पेंड करते हुए नाथनगर थाने में उस पर भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत केस हुआ था। दारोगा पर जप्त ट्रैक्टर छोड़ने के एवज में पैसे मांगने का आरोप था। दारोगा ट्रैक्टर मालिक सह ड्राइवर को फोन कर पैसे मांगरहा था। इसका प्रमाण एसएसपी को दिया था। इसकी जांच के बाद दारोगा को सस्पेंड किया गया था।

पहले होती थी निलंबन-बर्खास्तगी, अब दर्ज हो रहा है केस

भ्रष्टाचार में शामिल पुलिसकर्मियों पर अब आपराधिक मामला दर्ज हो रहा है। पहले सिर्फ एेसे पुलिसकर्मियों का सस्पेंशन और बर्खास्तगी की कार्रवाई होती थी। अब सस्पेंशन, बर्खास्तगी के साथ सबूत होने पर केस भी हो रहा है।

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