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कोरोना पॉजिटिव स्वास्थ्यकर्मी कर रहा था सामान्य मरीज व गर्भवती की जांच संपर्क में आए सभी की जा रही खोज

ARARIA : कोरोना पॉजिटिव स्वास्थ्यकर्मी ने सामान्य मरीजों सहित तीन गर्भवती महिलाओं की जांच की। जिसने दो दिनों में कई अधिकारियों के संपर्क के साथ-साथ जान बुझकर अस्पताल में आए दर्जनों मरीजों की भी जांच की। मंगलवार को स्वास्थ्यकर्मी के कोरोना की पुष्टि हुई। अब सभी को कोरोना पॉजिटिव होने का संशय बरकरार हो गया है। सूत्रों की माने तो ये स्वास्थ्यकर्मी बीते सोमवार को अनुमंडल अस्पताल में कई गर्भवती महिला एवं एक कलाजर के मरीज का जांच के साथ साथ दर्जनों कोरोना संदिग्धों की जांच कर चुके हैं। वहीं, इस दौरान कई कर्मियों के साथ संपर्क में थे।

एक ही डॉक्टर, कर्मी, टेक्नीशियन कार्य कर बांट रहे कोरोना

पीएचसी, ओपीडी व आइसोलेशन में एक ही टेक्नीशियन से कार्य करवा सामान्य मरीजों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ किया जा रहा। जबकि केंद्र और राज्य सरकार की गाइडलाइन के हिसाब से संदिग्ध कोरोना मरीजों की जांच के लिए अलग से ओपीडी सुविधा होना आवश्यक है और सामान्य मरीजों की अलग से ओपीडी होने के साथ साथ डॉक्टर, टेक्नीशियन भी अलग होने चाहिए। लेकिन आइसोलेशन में कार्यरत डॉक्टर, सफाई कर्मी, टेक्निशियन, कैंटीन वाले कर्मी सभी सामान्य रोगियों की भी सेवा कर कोरोना बांट रहे हैं।

नहीं लगा सीसीटीवी कैमरा

अस्पताल सूत्रों की माने तो डीएम के आदेश के बावजूद आइसोलेशन वार्ड में अपनी नाकामी व कुव्यवस्था को छुपाने के लिए सीसीटीवी कैमरा नहीं लगाया गया है।

संपर्क में आए लोगों का डाटा खंगाला जा रहा

डॉक्टर आशुतोष कुमार ने पुष्टि करते हुए कहा की स्वास्थ्यकर्मी 30 मई को सैंपल जांच के लिए बिना जानकारी के भेजा था। जो डेढ़ घंटे तक सोमवार को मेरे संपर्क के साथ-साथ कई रोगियों के संपर्क में था। जिसका डाटा खंगाल विभाग को सूचित कर रहे हैं।

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